Guiding souls through the wisdom of Sanatan Dharma.
॥ कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् ॥
“” SPIRITUAL LEADER “”
॥ कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् ॥
"" SPIRITUAL LEADER ""
संगठन का परिचय
श्री देवव्रत जी
देवव्रत जी की आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत महज़ पाँच साल की उम्र में ही हो गई थी। जब बाकी बच्चे खेल-कूद और दुनिया की चकाचौंध में खोए रहते हैं, उस उम्र में उन्होंने ईश्वर की ओर रुझान महसूस किया। बचपन में ही उन्हें ऐसा आभास होने लगा था कि इस संसार में जो कुछ भी होता है, वो पहले से ही तय होता है — सब कुछ भाग्य के अनुसार चलता है, इंसान केवल एक माध्यम है। उनका पालन-पोषण एक गहरे आध्यात्मिक माहौल में हुआ। घर में सुबह-शाम भजन-कीर्तन होते थे, और दादी-नानी से रामायण, महाभारत और भगवान की लीलाओं की कहानियाँ सुनना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। यही सब सुनते-सुनते उनके मन में अध्यात्म के बीज और भी गहरे होते चले गए। परिवार के बुज़ुर्गों से उन्होंने न सिर्फ धार्मिक बातें सीखीं, बल्कि जीवन के अहम मूल्य भी सीखे — जैसे कि विनम्रता, करुणा, सच्चाई, और सबके साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करना। वे अक्सर अपने आस-पास के लोगों को कहते थे, “किसी का बुरा मत सोचो, क्योंकि जो हमारे भाग्य में लिखा है, वो होकर रहेगा — हम सिर्फ अपने कर्म अच्छे रख सकते हैं।”
जैसे-जैसे समय बीतता गया, उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। आज देवव्रत जी पूरे भारत में श्रीमद्भागवत कथा, राम कथा, और संत प्रवचन के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक मार्ग दिखा रहे हैं। उनकी कथाओं में केवल ग्रंथों का पाठ ही नहीं होता, बल्कि वो हर एक प्रसंग को आज के जीवन से जोड़कर बताते हैं — जिससे श्रोता सिर्फ सुनते नहीं, बल्कि उसे अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा भी पाते हैं। भागवत कथा में जब वे श्रीकृष्ण जन्म, गोपियों का प्रेम, उद्धव संवाद, या प्रह्लाद चरित्र जैसे प्रसंग सुनाते हैं, तो उनके शब्दों में भक्ति का ऐसा भाव होता है कि श्रोता भाव-विभोर हो उठते हैं। उनकी कथा का उद्देश्य सिर्फ ज्ञान बाँटना नहीं, बल्कि आत्मा को भीतर से जागृत करना होता है। भजनों और कीर्तन के माध्यम से वो ऐसा माहौल बना देते हैं जहाँ हर कोई अपने आप को ईश्वर के करीब महसूस करता है। उनकी वाणी में सरलता, अनुभव में गहराई और दृष्टिकोण में स्पष्टता है। यही कारण है कि उनकी कथाएँ केवल धार्मिक आयोजन नहीं रह जातीं, बल्कि लोगों के जीवन को बदलने वाली आध्यात्मिक यात्राएँ बन जाती हैं।
मानवता, प्रेम और अध्यात्म के पथ पर एक संकल्प
- "विश्व बंधुत्व प्रेम मिशन संस्थान" के संस्थापकया
OUR MISSION & VISION
Spiritual Education
To preserve ancient wisdom
Temple Restoration
Preserving heritage temples
Community Service
Devotion and selfless service
आपका दान हमें हमारा मिशन पूरा करने देगा
“सेवा, समर्पण और करुणा के मार्ग पर आपके सहयोग से आगे बढ़ते हुए।”
दान करेंसंपर्क विवरण
- +91 91611 11008
- 9532779599
- प्रयागराज (उ.प्र.)
- Balshukdevvrat@gmail.com
गतिविधियाँ
- विश्व बंधुत्व प्रेम मिशन संस्थान









